नेपाली भाषा के प्रमुख अख़बार कांतिपुर के दफ़्तर में प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी थी. ऐसा ही बांग्लादेश में भी हुआ था. वहां के प्रमुख अंग्रेज़ी अख़बार द डेली स्टार के दफ़्तर को आग के हवाले कर दिया गया था.
भारत में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में भी मीडिया को लेकर नाराज़गी साफ़ दिखी. दरअसल पिछले कुछ वर्षों में भारत में मीडिया की भूमिका को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.
एक इम्प्रेशन बना है कि कौन मीडिया घराना सरकार परस्त है और कौन सरकार विरोधी. ऐसे में कहा जाता है कि भारत में मीडिया बहुत ही ध्रुवीकृत हो गया है.